राम जित बाबा ,मंदिर ramjit baba tempal, jigni, ballia u.p
नमस्कार दोस्तों आज मै आप लोगो को एक मंदिर के बारे में बताने जा रहा हु जो एक छोटे से गांव में बना है इस मंदिर में स्थापित देवता का बिसेस महत्वा इस लिए है , की अगर कोई इंसान को सर्प ने डंस दिया तो यदि ओ इंसान 24 घंटे के पहले यंहा पहुँच जाता है तो ओ ठीक हो जाता है। ( ऐसा लोगो का मान्यता है)
दोस्तों हम बात कर रहे है श्री राम जित बाबा मंदिर की ये मंदिर उत्तर प्रदेश के बलिए जिले के जिगनी गांव में है , श्री राम जित बाबा के यंहा बहुत ही दूर दूर से लोग दरसन बर्न के लिए एते है। बलिया जिले के किसी भी छेत्र में किसी ब्यक्ति को सर्प ने डंस लिया है तो उसके परिवार वाले जिगनी गांव के श्री राम जित बाबा के पास लाते हैं। और वंहा बैठे एक ब्यक्ति जो बाबा की पूजा करते है ओ अपने मंत्रो और बाबा के ध्यान में रख कर उस ब्यक्ति का दुःख दूर कर देते यही। ऐसा बहुत ही बार हुआ है।
दोस्तों श्री राम जित बाबा के यंहा नाग पंचमी के दूसरे दिन सप्तमी को बहुत ही बड़ा मेला लगता है और लोग यंहा पूजन करने के लिए एते है। यंहा पर बलिया जिले के सभी छेत्रो से लोग पूजा करने के लिए एते है। हर गांव से बाबा के लिए जुलुस निकली जाती है। बांस की बानी बहुत ही बड़ी बड़ी जुलुस निकली जाती है और डी जे और साउंड के साथ लोग नाचते गेट हुए राम जित बाबा को पूजन करने जाते है और वंहा से मेला घूम कर सैम को घर वापिस एते है।
दोस्तों रामजीत बाबा का मंदिर बहुत ही अच्छा बनाया गया है ये मंदिर जमीन से बहुत उचाई पर बनाया गया है , और इस मंदिर की लम्बाई भी 5 या 6 मंजिल को होगी मंदिरो पर अधिकांश सांपो की आकृतिया बानी हुई है और मंदिर के दीवारों पर रामायण की चौपईया लिखी हुई है मंदिर के मुख्या बिच अस्थान पर श्री रामजीत बाबा का स्थान है और चारो तारभ चौतरा (ओटला ) बनाया गया है।
दोस्तों रामजीत बाबा में मंदिर के पास और भी भगवान का मंदिर है। उनके मंदिर के पास श्री गंगा ब्रह्म बाबा का मंदिर है। ये मंदिर भी बहुत ही बढियाँ बनाया गया है। रामजीत बाबा के पूजा के साथ साथ श्री गंगा ब्रह्म बाबा का भी पूजा होता है। इनका मंदिर भी जमीन से 6 या 7 फिट की ऊंचाई पर बनाई गई है। मंदिर के आगे एक बहुत बड़ा पेड़ है। इन मंदिर के कुछ दुरी पे हनुमान जी का मंदिर है ये मंदिर भी बहुत अच्छी बानी हुई है। यंहा के हनुमान जी का भी बहुत महातम है। जो लोग रामजीत बाबा को पूजा करने एते है ओ साथ ही साथ गंगा बाबा और हनुमान जी को भी पूजा करते है, मतलब इस जिगनी गांव में एक वंहा एक दिव्या स्थान बनाया गया है इन मंदिरो के पास से एक बड़ी सी नहर गुजारी हुई है। यंहा जाने पर बहुत ही आनंद और सन्ति का अनुभव होता है।
राम जित बाबा को सप्तमी के दिन दूध के साथ धान का लावा चढ़ाया जाता है। और फूल बतासे या कोई मीठा प्रसाद चढ़ाया जाता है। ऐसा सुना गया है की राम जित बाबा बल्लिया जिले में ही एक मुडियारी गांव है उस गांव के रहने वाले थे , राम जित बाबा को किसी डायन ने कला जादू कर के सर्प के द्वारा डंसवा दी थी। जिसके बाद राम जित बाब गांव के लोगो के सपने में आने लगे और अपनी साडी बाटे बता कर , अपनी पूजा के लिए कहते। लोगो ने बाबा की उसी मुडियारी गांव में स्थान बनाकर पूजा करने लगे फिर लोगो ने सोचा की बाबा का सबसे अच्छा स्थान जिगनी गांव में मेन रोड पर रहेगा। लोगो ने पंडित से पूजा करवाकर इस स्थान पर बाबा को स्थापित कर दिया। तब से लोग इनकी महिमा जो जानने लगे और यंहा आने लगे हर साल जुलुस के साथ लोग यंहा एते है और बाबा को प्रसाद चढ़ाते है।
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