नमस्कार दोस्तों , आज के समाय में हमारी दिनचर्या और खान पान की वजह से हमारे सरीर में ओ ताकत और एनर्जी नहीं बची जो पहले के लोगों में थी। पहले के लोगों के खान पान सुध थी और साथ ही उनकी दिनचर्या आज के लोगो जैसा नहीं था जिसके वजह से पहले आज की अपेक्छा बीमारिया काम थी , जैसे जैसे हमारे पास इतनी सुख सुबिधाये होने लगी है और हमारा खान पैन भी बिगड़ गया है जिसके वजह से आज हमें बहुत साडी बीमारियों से जूझना पड रहा है।
जैसे अभी एक बीमारी चली है जिसका नाम है कोरोना (CORONA ) ये बीमारी लगभग दिसंबर या फिर जनवरी में हमारे देश भारत में आया था। और ये कोरोना नमक बीमारी ने बहुत से लोगों का जान भी लिया था। और अब यानि 2021 में भी ये बीमारी वापिस फिर से आगया। अभी का जो ये लहार है इसमें पहले से ज्यादा लोगों की मौतें हो रही है। डाक्टरों के तरफ से पता चला है की ये कोरोना पहले की अपेक्छा अभी बहुत जल्दी ही फेफड़ों को ख़राब कर रही है जिसके वजह से लोंगो को स्वांस लेने में परेशानी हो रही है। और इंसान की डेथ हो जा रही है। इस कोरोना को से कैसे लड़ा जाये और बचा जाये मै इस पोस्ट में आप सबलोगों को बताने जा रहा हूँ।
देखिये इस कोरोना बीमारी में डाक्टर बता रहे हैं की जिसका रोगप्रतिरोधक छमता अच्छा है ओ इंसान बच रहे हैं। तो आज हम जानेंगे की अपना रोगप्रतिरोधक छमता कैसे बढ़ाएं।
- हमें अपने सरीर का इम्यून सिस्टम रोगप्रतिरोधक छमता बढ़ने के लिए हमें अपने सरीर को एक्टिव रखना चाहिए। शारीरिक काम करना चाहिए क्यूंकि सरीरक काम करने से हमारे सरीर से पसीने बहार निकलते है जिससे सरीर की एक्स्ट्रा फैट बहार निकालता है और हमारे सरीर को चुस्त फुर्त बनाने के साथ हमारे रोगप्रतिरोधक छमता को भी मजबूत करता है।
- हमें सुबह जल्दी उठाना चाहिए और खुली हवा में टहलना चाहिए जिससे हमारे फेफड़ो में सुध ऑक्सीजन पंहुचे। हम इस कोरोना काल में अधिकतर मॉस्क पहन कर रहते है जिससे हमारे फेफड़ों में अधिकतर ऑक्सीजन नहीं पहुंचता जिसके कारन हमारे सरीर में ऑक्सीजन की कमी होती है। सुबह के समय ज्यादा पोलुशन नहीं होता और ऑक्सीजन की हमें अच्छे मात्रा में मिलता है।
- प्रतिदिन सुबह जल्दी उठकर योगा और प्राणायाम करना चाहिए। कोरोना एक स्वांस नलिकाओं और फेफड़ों को प्रभावित करने वाला रोग है , इस लिए प्राणायाम हमारे फेफड़ों को स्वस्थ रखेगा यदि आप कपालभाति प्राणायाम करते है तो आपके स्वांस नालियों में गर्मी उत्पन होता है और रोग प्रतिरोधक छमता मजबूत करता है। इसलिए हमें प्रतिदिन सुबह उठ कर कपालभाति प्राणायाम करना चाहिए।
- रोगप्रतिरोधक छमता बढ़ने के लिए हमारे रसोई घर में उपलब्ध मसाले भी दवा के काम करते है जैसे - लौंग , हल्दी , काली मिर्च , दालचीनी ये साडी चीजे आज कोरोना में अधिक इस्तेमाल हो रही है। तो यदि आप प्रतिदिन सुबह या फिर सैम को सोते वक्त गुनगुने पानी में थोड़ा हल्दी दाल कर गरारा करते हैं तो कोरोना जैसा वायरस आपके गले से फेफड़ों तक नहीं पहुंच पता। हमें प्रतिदिन काली मिर्च और हल्दी और दालचीनी को मिक्स करके काढ़ा बनाकर पीना चाहिए।
- रोजाना अपने भोजन में निबो शामिल करना चाहिए क्यूंकि निबो में बिटामिन C अच्छे मात्रा में पाया जाता है और बिटामिन C हमारे सरीर का रोगप्रतिरोधक छमता बढ़ने में मदद कराती है। निबो के साथ अन्य खटे फलो में भी विटामिन C प्रचुर मात्रा में होता है जैसे - संतरा, मौसमी अदि फलों में।
- कोरोना से बचने के लिए हमें अपने हांथो को बार बार साबुन से धोते रहना चाहिए।
- हांथो को सेनेटाइजर से बार बार धोना चाहिए , और अपने हांथो से मुंह और नाक को नहीं छूना चाहिए।
- जब भी अपने घर से बहार निकले तब हमें मास्क अवस्य लगनी चाहिए , ज्यादा भीड़ भांड जगह पर नहीं जाना चाहिए।
- लोगों से 2 फिट की दुरी बनाकर रहना चाहिए।
- यदि किसी ब्यक्ति को सर्दी जुकाम है तो उससे दूर ही रहना चाहिए और यदि कोई ब्यक्ति छीकता या खांसता है तो उस ब्यक्ति से अधिक दुरी बना लेनी चाहिए।
- अगर हमें जुकाम हुआ हो तो हमें हमेसा मैक्स पहनना चाहिए और अपने आप को सेनेटीज़र से साफ रखना चाहिए और गरम पानी और हल्दी से गरारा करना चाहिए। सुबह साम काढ़े का इस्तेमाल करना चाहिए।
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