आधुनिक चिकित्सा तकनीक जितनी अच्छी है, यह आपकी जीवन शैली के कारण होने वाली शारीरिक परेशानियों से कभी नहीं बचा सकती है। हर समस्या के लिए एक आधुनिक चिकित्सा तय करने के बजाय,आप अपने जीवन सैली सुधरे तो आप शायद ही कभी बीमार पड़ेंगे।
दोस्तों हमें अपने काम काज के साथ साथ अपने सरीर को भी ध्यान रकहना चाहिए। तो चलिए आज इस पोस्ट के अनुसार आपको ये बातों का पता चलेगा की हमें अपने सरीर को स्वस्थ रखने के लिए किस तरह से हवन जीना चाहिए। और हमें स्वस्थ रहना चाहिए।
1. पर्याप्त व्यायाम करें
पहले के ज़माने में लोगों को अपने सामान्य कार्यों के दौरान अपने भौतिक शरीर का उपयोग करना पड़ता था। लेकिन आज सभी लोग आराम का काम करना पसंद करते है बहुत से लोग सुबह देर से उठे ब्रश मंजन किये और नास्ता करके और कार में बैठ कर ऑफिस के लिए निकल जाते है और फिर घर वापिस आकर आराम से बैठ जाते है। ऐसे लोगो को शारीरिक श्रम नहीं करना पड़ता। इस लिए हमारे सरीर में नाना प्रकार के रोग हो जाते है। आज के समय में हमारे सरीर को पोस्टिक आहार और श्रम की आवस्यकता है जो की अज्ज नहीं मिल रही है। अगर अप्प अपने सरीर को अच्छे आहार देंगे और अच्छी एक्सरसाइज करने लगे तो आपके सरीर का 75 प्रतिसत रोग ख़त्म हो जायेगा।
2. जब आप नींद महसूस करें तो सो जाएं -
यह सरल लग सकता है, लेकिन कहने का मतलब की जब हमें हमारे सरीर को नींद की आवस्यकता होती है तो हमारा सरीर अपनेआप हमें सिग्नल देना चालू कर देता है मतलब हमें नींद आने लगाती है लेकिन हम कभी अपने इम्पोर्टेन्ट काम (Important work) या फिर मोबाइल पर देर तक लगे रहने से हमें सोने का मन नहीं करता है।और नींद भी नहीं अति है। इसके कारन हमारे सरीर कई बीमारियों से ग्रसित हो जाता है। हमारे सरीर का नेचर ही ऐसा है ,की जब सरीर को एनर्जी चाहिए तो भूख लग जाती है , पानी की कमी होने पर प्यास लग जाती है वैसे ही जब हमारा सरीर थक जाती है तो हमें नींद की जरुरत पद जाती है। अगर हम अपने सरीर को पर्याप्त नींद दें तो हमारे सरीर से मानसिक तनाव से लेकर बहुत साडी बीमारिया ख़त्म हो जाती है।
3. जब आपको भूख लगे तब खाएं-
यह भी एक सरल विचार है, लेकिन कभी कभी ऐसा होता है की हमें भूख नहीं रहती है पेट पहले से ही भरा होता है फिर भी कोई स्वादिस्ट चीज देख कर हमें भूख लग जाती है और हम खा लेते है। पर ये गलत आदते है , हमारे सरीर से एनर्जी जब ख़त्म हो जाती है या फिर हमारा पेट खली हो जाता है तब हमें भूख लगाती है। यदि हम भूख लगाने पर खाना कहते है तो ओ खाना अच्छे चाव से खाया जाता है और खाना अच्छे से पचता भी है। इसके बाद न हमें अपच की प्रॉब्लम होता है न ही गैस की।
4 . अपने सरीर को आराम भी दें
हमारा सरीर काम करते - करते जब थक जाता है तो हमें अपने सरीर को आराम देना चाहिए, क्यूंकि जब हम काम करते है तो हमारे सरीर की मांसपेशिया में थकान अता है जिससे लगातार काम करते रहने पर मांसपेसियों में दर्द होने लगता है जिससे सरीर का बिकास भी नहीं होता इस लिए हमें पर्याप्त काम के साथ साथ पर्याप्त आराम की भी आवस्यकता होती है।
5. बिस्तर पर जाने से पहले ठंडे पानी से हाँथ पेअर धो
जैसा कि ऊपर उल्लेख किया गया है, स्वास्थ्य के रखरखाव के लिए उचित नींद आवश्यक है। यदि आप अपने महत्वपूर्ण मोटर और संवेदी अंगों (हाथ, हाथ, आंख, पैर, मुंह, जननांग) को ठंडे पानी का उपयोग करके सोने से पहले धोते हैं या फिर स्नान कर लेते हैं तो यह आपको आराम देगा और आपको गहरी नींद के लिए तैयार करेगा।
6. नियमित रूप से ध्यान करें
आपका शरीर आपके दिमाग से जुड़ा हुआ है। तनाव और चिंता हमारे शारीरिक स्वास्थ्य पर अपना असर डालते हैं।आज कल के भाग दौड़ भरी जिंदगी में सरीर के साथ साथ दिमाग को भी आराम देना चाहिए अगर आप अपने दिमाग को आराम नहीं देंगे तो आपको चिढ चिढ़ापन और तनाव होगा इसलिए ध्यान एक मानसिक व्यायाम है जो अन्य बातों के अलावा, आपको जीवन की चिंताओं से खुद को अलग करने की अनुमति देता है। एक सरल तकनीक सीखें और इसे नियमित रूप से करें।
7. हर दिन जल्दी उठें-
जी हाँ सुबह जल्दी उठाने से बहुत सरे फायदे होते है। क्यूंकि सुबह का वातवरन स्वक्छ और साफ होता है इस वातावरण में घूमने से हमारे मन और सरीर को बहुत अच्छी ताकत और एनर्जी मिलती है। देखिये दोस्तों हमारा सरीर , हवा , पानी, भोजन और अच्छे बिचारों से हितो बना है ये चीजे अगर स्वक्छ और साफ आपको मिलते रहेंगे तो आपका सरीर अच्छा होगा इस लिए स्वच्छ हवा में घूमने की डेल और ये मिलेंगी आपको सुबह जल्दी
तो दोस्तों असा करता हूँ की ये टिप्स आपको समझ आ गया होगा। अगर इस लेख में आपको कुछ गलतिया दिख रही है तो आप कमेंट करके हमें बताये
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