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शनिवार, 27 फ़रवरी 2021

भारत का बड़े बांध की श्रेणी

    नमस्कार दोस्तों आज आप लोग इस पोस्ट से जानेंगे की अपने देश भारत में कौन- कौन से बड़े बांध है। ये जानकारी अप्प सभी को सिक्छित बनाएगी और छात्रों को आने वाले कपोटिशन लेबल पेपरों में बहुत ही सहायता देगी क्यूंकि कोई भी एग्जाम हो उसमे जरूर ही एक प्रश्न आता है। तो चलिए आगे चलते है की सबसे बड़ा बांध कौन है।  और इसकी ऊंचाई कितनी है ये कंहा पर स्थित है। 

   

      टिहरी बांध - टिहरी बांध भारत का सबसे ऊँचा बांध है।  ये उत्तराखंड के टिहरी नमक जगह में स्थित है।  इस बांध की ऊंचाई 261 मीटर है , और इसकी लम्बाई 575 मीटर है।  ये बांध भागीरथी नदी पर बना है। 
  

      भाखड़ा नांगल बांध-  भाखड़ा नांगल बांध, ये भी बांध ऊँचा है पर टिहरी बांध से काम है इसकी ऊंचाई 226  मीटर और लम्बाई ५२० मीटर है।  ये पंजाब और हिमांचल प्रदेश में है।  ये बांध सतलज नदी पर बना है। 

     
      सरदार सरोवर बांध - सरदार सरोवर बांध ,ये बांध गुजरात राज्य में िस्थित है इस बांध की ऊंचाई 163  मीटर है, और लम्बाई 1210 मीटर है।  ये बांध नर्मदा नदी पर बना है।  


     नागार्जुन बांध - नागार्जुन बांध की ऊंचाई 124 मीटर है और इसकी लम्बाई 1450  मीटर है ये बांध तेलंगाना राज्य में है और ये कृष्णा नदी पर बना है। 


   हिरा कुंड बांध - हिरा कुंड बांध की ऊंचाई 61 मीटर है और लम्बाई २६ मीटर है। ये बांध ओडिसा सहर के महानदी पर बना है।

गुरुवार, 25 फ़रवरी 2021

लेडी गागा कौन है- (LADY GAGA )

 लेडी गागा  कौन है -



   आज बहुत जाता चर्चा में आने वाली ये महिला जिसका नाम लेडी गागा बोल रहे है ये है कवन ,ये कँहा की रहने वाली है और ये किस लिए अभी सुर्खियों पर है।  तो आज में इस पोस्ट में आपको लेडी गागा के बारे में बतलाऊंगा। 

   लेडी गागा का असली नाम 'स्टेफनी जोआन एंजेलिना जरमनिट्टा' है इनका जन्म अमेरिका के नई यार्क सहर में हुआ था।  जो सन था 28 मार्च 1986  यु.  एस. में हुआ था। जिनका  पेशेवर रूप  से लेडी गागा नाम है।  

  
   
      लेडी गागा का ब्यवसाय गाइका , नृत्य , गीतकार , अभिनेत्री , रिकार्ड निर्माता , है 

    इन्होने अपने ट्विटर पे एक संस्कृत में श्लोक लिखीं है जिसके वजह से ये अभी बहुत चर्चा में है - औ श्लोक ये है  (LOKAH SAMASTOH SUKHINO BHAVANTU )



बुधवार, 24 फ़रवरी 2021

मिटी कितने प्रकार की होती है




मिटी कितने प्रकार की होती है -     मिटी के कई प्रकार होते है।  दोस्तों कई बार कम्पटीसन एग्जाम में हमें पूछ दिया जाता है की मिटी कितने  प्रकार की होती है। इनके गुंड क्या - क्या है तो चलिए आज में इस पोस्ट में आपको मिटी के बारे में बताऊंगा की मिटी कितने प्रकार की होती है। इनके क्या - क्या गुण है। मिटी के अलग अलग प्रकार होने के कारन उस पर उपज का भी प्रभाव पड़ता है इसी लिए  हर राज्य या  छेत्र में अलग -अलग उपज की जाती है। 

      मिटी के प्रकार
   
  1. जलोढ़ मिटी (Alluvial Soil )
  2. लाल मिटी  ( Red Soil )
  3. काली मिटी (Black Soil )
  4. लैटेराइड मिटी , बलुआ मिटी ( Laterite Soil )
  5. रेतीली मिटी (रेगिस्तानी , Desert Soil )                  
   जलोढ़ मिटी
   जलोढ़ मिटी को दोमट मिटी भी कहा जाता है। नदियों द्वारा बहा कर ले गई मिटी को जलोढ़ मिटी कहते हैं। यह मिटी उपजाउन मिटी होती है।  जलोढ़ मिटी उत्तर भारत में पाई जाती है। यह मिटी राज्यस्थान के उत्तरी भाग , बिहार, मध्य प्रदेश ,उत्तर प्रदेश, पंजाब के राज्यों में पाया जाता है।  यह मिटी कृषि के लिए बहुत उपयोगी है। 
   
    लाल मिटी  - 
    यह मिटी चटानो से कटी हुई मिटी होती है। यह माट्टी अधिकतर भारत के  दक्छिण भागो में पाई जाती है।

     काली मिटी -
      इस मिटी को कपास की मिटी या रगड़ की मिटी भी कहते है।  क्योकि इस मिटी में कपास के खेती बहुत अच्छी होती है।  इस मिटी में नमी को देर तक नमी बनाये रखने का गुण होती है।  काली मिटी अधिकतर लावा प्रदेश में पाई जाती है। ये मिटी अधिकतर महाराष्ट्र , गुजरात, मध्य प्रदेश , आंध्र प्रदेश ,के उत्तरी छेत्र में पाई जाती है 

      लैटेरिड मिटी -
      ये मिटी दच्छिद - पूर्व में पाई जाती है। 
       
       रेतीली मिटी -
       यह मिटी राज्यस्थान के थार प्रदेश में पाई जाती है ,पंजाब में दक्छिडी भाग में भी पाई जाती है।  
 


सोमवार, 8 फ़रवरी 2021

अयोध्या नगर और वंहा घूमने के पर्यटक अस्थल

                                        अयोध्या नगर




अयोध्या नगर का नाम सुनते ही हमारे दिमाग में भगवान श्री राम का स्मरण होने लगता है।  ओ इस लिए क्योंकि भगवान श्री राम का जन्म अयोध्या नगर में ही हुआ था। अयोध्या भारत (india) देश के उत्तार प्रदेश राज्य में बसा है। इस जिले में सरयू नदी है। इस नदी की 160 किलो मीटर की लम्बाई है।  यह नदी अयोध्या जिले से होकर बहती है। इस नदी का हिन्दू धर्म में बहोत ही महातम है। सरयू नदी का वरडन ऋग वेद में बिस्तर से किया गया है। सरयू नदी हिमालय से निकल कर उत्तर भारत में बहती हुई बलिआ और छपरा के बिच मिलती है।







 अयोध्या भगवान राम की जन्म भूमि है। और अज यंहा भगवान राम की मंदिर बन रहा है।  इस लिए हम सभी को यंहा जाना चाहिए।  यंहा देखने लायक भी बहोत सरे अस्थान है।  यंहा लोग दरसन करने जाते है तो सरयू नदी में अस्नान कर के भीड़ दरसन करते हैं।  मे आपलोगो को इस पोस्ट में अयोध्या में दरसन और घूमने का असतं बताऊंगा। जो की बहुत ही बढियाँ असतं है।  जंहा आप लोग अयोध्या जा कर घूम सकते हैं।  तो चलिए उन जगहों के बारे में जानते हैं। 

1. सबसे पहले तो अयोध्या में घूमने के लिए बढ़िया अस्थान है श्री राम जन्म भूमि। श्री राम जन्म भूमि वह जगह है जंहा भगवान श्री राम का जन्म हुआ था। और यंहा एक मंदिर भी बना था।  फिर मंदिर बाद में तोड़वा दी गई थी लेकिन आज फिर हमारे भगवान श्री राम की मंदिर मन रही है ये कार्य श्री नरेंद्र मोदी (P.M) की राज्य में बन रहा है।  यह एक बहुत ही बढियाँ अस्थान है गुमने का और दरसन करने का। 

2. त्रेता का ठाकुर , यह मंदिर यानि त्रेता का ठाकुर सरयू नदी के तात पर बना एक प्राचीन मंडी है। इस मंडी में भगवान श्री राम की मूर्ति राखी गई है जो प्राचीन समय में काळए रेट के पत्थरों से उकेरी गई थी। और ये मंडी वही अस्थान पर है जंहा श्री राम का अश्वमेघ यज्ञ हुआ था। इस मंडी को दरसन तो आप सभी को करना चाहिए। 

3. कनक भवन  यंहा आपको जरूर जाना चाहिए बहुत ही बढ़िया जगह है।  ओ इस लिए की कहा जाता है की ये भवन भगवान राम और माता जानकी के बिवाह के बाद भगवान राम की सावटेली माँ कैकई ने माता सीता को दिया था।  लेकइन बता दे की बाद में इस मंदिर को परमार वंस के राजा विक्रमादित्य पुनर्निर्माण करवाए थे। जो 1891 ईसवी में बना था। 

4.  मोती महल अयोध्या का आकर्सक अस्थल में से एक अस्थल ये भी है।  ये महल अयोध्या से कुछ दूर फैजा बाद में है। इस महल का निरमान 1743 में हुआ था।  






शुक्रवार, 5 फ़रवरी 2021

TAJMAHAL AUR UNKE ROCHAK BATE ताजमहल का निर्माण रोचक बाते

ताजमहल -


ताजमहल देखने में जितना खूबसूरत लगता है उससे कही ज्यादा रहस्यों से भरा है। 



 आज हम इस ताज महल के रोचक तथ्यों के बारे जानेंगे और इसका निर्माड किसने किया थल और कब हुआ था ये सब जानेंगे।  तो दोस्तों इस पोस्ट को अंत तक पढियेगा क्योंकि इस पोस्ट में दी गई जानकारी आपके इक्जाम में भी काम आ सकता है। सबसे पहले हम जानते है ताज महल का निर्माण। 

 

ताजमहल का निर्माण -  

  ताजमहल उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में है।  यह संगमरमर से बना है। इस महल के पीछे कुछ दुरी पर यमुना नदी बहती है।  यह बिस्वा के सात अजूबो में से एक अजूबा है। ये 42 एकड़ में फैला है।  इसे बनवाने में 20 हजार से अधिक मजदुर लगे थे और ये पुरे 22 वर्षो में बनकर पूरा हुआ। ईस्वी  थी 1631 से 1653 . कहा जाता है की सिर्फ इसके गुम्बद बनाने में ही 15 वार्स लगे थे।  

  ताज महल का  निर्माण सहजंहा ने मुमताज के यद् की कराइ थी। 


ताजमहल की रोचक बाते - 

  ताज महल बिस्वा के 7 अजूबो में से एक अजूबा अत है।  

  ताज महल क़ुतुब मीनार से 5 फुट ऊँचा है। 

   ताज महल के साथ पहली सेलभी जार्ज हेरिसन ने खिचवाई थी।  

    ताज महल में जो फवारे लगे हैं ओ सरे एक साथ काम करते है इसके निचे एक टैंक बना है जब टैंक भर जाता है तब ये एक साथ फवारे फेकते है। 

   आप लोग ये जान कर हैरान होंगे की ये ईमारत लकड़ी पर टिका है। इस लकड़ी को हमेसा नमी की जरुरत होती है। अगर इसे नमी न मिले तो ये कमजोर हो जाएगी। इसी लिए ताजमहल का निरमान यमुना नदी के किनारे हुआ है। इसके चारो तरफ चार मीनारे बनवाई गई है ये मीनारें ताज महल को संतुलन देती है।  

  इसका निरमान 28 क़िस्म के पथरो के साथ किया गया है।  ये अफगान , ईरान मिश्रा ,तिबत कई देशों से मंगवाए गए थे। इन देशों के अलावा राज्यस्थान से  भी मंगवाए गए थे।  इन पत्थरों के कारन ताज महल कई कलर का हो जाता है।  सुबाज में ये गुलावी ,दिन में सफ़ेद , रत में सुनहरा हो जाता है। 

 आपको मेरी कंटेंट कैसा लगा प्लीज अपनी गए हमें बताइये। थैंक्स