गौमुख क्या है
गंगोत्री से गोमुख जाने के रास्ते
गौमुख से 18 किलो मीटर की दुरी पर गंगोत्री धाम है जो की लोग गंगोत्री धाम से गौमुख पैदल जाते हैं। गंगोत्री से गौमुख जाने के लिए हमें 18 किलोमीटर की दुरी को पैदल चलना पड़ता है। पुरे रास्तें पत्थरों , बड़े - बड़े चटान और पहाड़ो से निकलती हुई नदियां सफर को रोमांचक और एडवेंचर बनती हैं ।
ये 18 किलोमीटर के पथरीले रस्ते आपको प्राकृतिक की हर एक अवस्था से गुजरेगी। पर प्राकृतिक की सुंदरता है ओ हमें यंहा देखने और अनुभव करने को मिलेगी। दोस्तों अपनी यात्रा प्रारम्भ करने से पहले हमें अपने लिए हर ओ जरुरी चीजों को अपने पास रख लेना चाहिए जो पहाडिओ में जाने पर पड़ती है जैसे गंगोत्री से गोमुख जाने पर थोड़ी ऑक्सीजन की हमें कमी महसूस होती है तो हमें ऑक्सीजन ले जनि चाहिए और साथ में पिने के लिए पानी और खाने के लिए कुछ खाने योग्य सामान ले जाना चाहिए।
गोमुख से निकलने वाली नदी
दोस्तों गौमुख के ग्लेसियर से भागीरथी नदी का उद्गम होता है। ये नदी उत्तराखंड में बहाने वाली नदी है। भागीरथी नदी को किरात नदी के नाम से भी जाना जाता है। ये नदी देवप्रयाग में अलकनंदा नदी से मिल कर गंगा नदी का निर्माण करती है यानि गंगा नदी का निर्माण देवप्रयाग में होता है। इसके बाद ये गंगा नदी देवप्रयाग से प्रयागराज , वाराणसी , बलिया और पटना होते हुए बंगाल की खड़ी में गिरती है।
हरिद्वार से गौमुख कैसे जाएं
दोस्तों हरिद्वार से गौमुख यदि आपको जाना है तो सबसे पहले हरिद्वार से गंगोत्री धाम बस या फिर कोई और विकल से जाना बढ़ाता है क्यूंकि हरिद्वार से गंगोत्री 289 किलोमीटर की दुरी पर है। और उसके बाद गंगोत्री से गौमुख पैदल जाना पड़ता है।


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