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सोमवार, 23 मई 2022

गंगोत्री से गौमुख का सफर और गौमुख से निकलने वाली नदी

गौमुख क्या है 

गोमुख से निकलने वाली नदी


गौमुख भारत के सबसे सुन्दर स्थान में से एक है।गौमुख भागीरथी नदी का उदगम स्थान है।  गौमुख का नाम पौराणिक कथाओ में भी बहुत चर्चित है।यह स्थान मन जाता है की ये गाय में मुख के सामान है इस लिए इसका न गौमुख है।गौमुख भारत के उत्तर में इस्थित उत्तराखंड राज्य के उत्तरकासी जिला में है। गोमुख से ही भागीरथी नदी का निर्मल जलधरा निकलती है जो की गंगा नदी का प्रमुख स्रोत है। यह अस्थान बहुत ही पवित्र स्थान है , इस अस्थान पर  हर साल लोग आते है।  

गंगोत्री से गोमुख जाने के रास्ते 

 गौमुख से 18 किलो मीटर की दुरी पर गंगोत्री धाम है जो की लोग गंगोत्री धाम से गौमुख पैदल जाते हैं। गंगोत्री से गौमुख जाने के लिए हमें 18 किलोमीटर की दुरी को पैदल चलना पड़ता है।  पुरे रास्तें  पत्थरों  , बड़े - बड़े चटान और पहाड़ो से निकलती हुई नदियां सफर को रोमांचक और एडवेंचर बनती हैं ।
गोमुख से निकलने वाली नदी



           ये 18 किलोमीटर के पथरीले रस्ते आपको प्राकृतिक की हर एक अवस्था से गुजरेगी। पर प्राकृतिक की सुंदरता है ओ हमें यंहा देखने और अनुभव करने को मिलेगी। दोस्तों अपनी यात्रा प्रारम्भ करने से पहले हमें अपने लिए हर ओ जरुरी चीजों को अपने पास रख लेना चाहिए जो पहाडिओ में जाने पर पड़ती है जैसे गंगोत्री से गोमुख जाने पर थोड़ी ऑक्सीजन की हमें कमी महसूस होती है तो हमें ऑक्सीजन ले जनि चाहिए और साथ में पिने के लिए पानी और खाने के लिए कुछ खाने योग्य सामान ले जाना चाहिए। 


गोमुख से निकलने वाली नदी 

दोस्तों गौमुख के ग्लेसियर से भागीरथी नदी का उद्गम होता है।  ये नदी उत्तराखंड में बहाने वाली नदी है। भागीरथी नदी को किरात नदी के नाम से भी जाना जाता है।  ये नदी देवप्रयाग में अलकनंदा नदी से मिल कर गंगा नदी का निर्माण करती है यानि गंगा नदी का निर्माण देवप्रयाग में होता है। इसके बाद ये गंगा नदी देवप्रयाग से प्रयागराज , वाराणसी , बलिया  और पटना होते हुए बंगाल की खड़ी में गिरती है। 


हरिद्वार से गौमुख कैसे जाएं 

दोस्तों हरिद्वार से गौमुख यदि आपको जाना है तो सबसे पहले हरिद्वार से गंगोत्री धाम बस या फिर कोई और विकल से जाना बढ़ाता है क्यूंकि हरिद्वार से गंगोत्री 289 किलोमीटर की दुरी पर है।  और उसके बाद गंगोत्री से गौमुख पैदल जाना पड़ता है। 

सोमवार, 9 मई 2022

मंकीपॉक्स वायरस क्या है,मंकीपॉक्स वायरस के लक्छण monkey pox virus kya hai

 मंकीपॉक्स वायरस  क्या है - 

      

      नमस्कार दोस्तों आज के समय में रोज नई नई बीमारियां जन्म ले रही है। बीते कुछ सालों से कोरोना नाम की बीमारी लोगों के जीवन को अस्त ब्यस्त कर के रखा है उसके साथ साथ बहुत साडी बीमारियों से लोग जूझ रहे है।  उसके बाद अभी हल ही में खबर मिली की मोंकीपॉक्स नमक वायरस बहुत ही तेजी से लोगो में फैल रहा है तो दोस्तों ये मानकीपॉक्स वायरस क्या है इसके बारे में हम अधिक बिस्तर से जानते है सबसे पहले हम ये जानते है की वायरस लोगो के सरीर में आते काहा से है। 

      

         दोस्तों वायरस अधिकतर जानवरो के सरीर में होते है जिसके कारन जानवरो के सरीर को रोवें , उनके सरीर से निकलने वाले तरल पदार्थ और उनके मुँह से निकलने वाले हवा से इंसानो में फैलते हैं। ऐसे ही कोरोना वायरस भी पहले जानवरो में फिर जानवरो से इंसानो में फिर एक इंसान से दूसरे इंसान में फैला यही नहीं ऐसे ही बहुत सरे वायरस जानवरो से इंसानो में एते है और इंसानो में कई प्रकार की रोग फैलते है तो दोस्तों हम आगे जानते है मंकिपॉक्स वायरस क्या है 

        


           दोस्तों मोंकीपॉक्स वायरस अभी तो अमेरिका में सबसे अधिक है पर ये इंसानो में बहुत ही तेजी से फील रहा है। दोस्तों ये बीमारी भी कोरोना वायरस जैसी बीमारी है जो की एक इंसान से दूसरे इंसान में चिकने अथवा खांसने से फैल रहा है ये बीमारी को फैलाने में डर्मिस , गिलहरी अदि जानवर है। 

मंकीपॉक्स वायरस के लक्छण -              दोस्तों इस बीमारी के होने के बाद लोगो के सरीर में निम्न प्रकार के लक्छण दिखाई देते है -


1 .  इंसानो के सरीर की मांसपेसियों में दर्द महसूस होना। 

2 .  सरीर में तेज बुखार लगाना। 

3 .  तेज बुखार के साथ - साथ त्वचा में लाल और बड़े बड़े दाने हो जाना। 

4 .  सरीर में सूजन। 

5 . ठण्ड लगाना। 

6 . सरीर के लाल दानो पर खुजली होना। 

    

     ये सब मोंकीपॉक्स के लक्छण है और इसके साथ साथ अभी सरबे के अनुसार हर 10 ब्यक्ति को इस बीमारी से ग्रसित होने के बाद एक ब्यक्ति की मौत हो रही।