दोस्तों यदि आप उत्तराखंड की पहाड़ियों में घूमने का आनंद उठाना चाहते है तो आपको कुछ बिसेस बातों का ध्यान में रखना होगा क्यंकि ये कोरोना का समय चल रहा है आपको उत्तराखंड में किन - किन बातो का दयँ रखना पड़ेगा ये हम इस पोस्ट के माध्यम से बताएँगे। और साथी ही साथ दोस्तों ये भी बताएँगे की उत्तराखंड में घूमने जाने से पहले हामी क्या -क्या सावधानिया रखनी चाहिए। तभी जाकर हम उत्तराखंड की सुंदरता का आनंद ले सकते है
दोस्तों उत्तराखंड और हिमांचल प्रदेश लोगों के लिए पहली पसंद होती है। लेकिन इस कोरोना वाइरल की दूसरी लहार के चलते उत्तराखंड की सरकार ने बार्डर को पर्यटकों के लिए बंद कर दिए थे और लोखड़ौन लगा दिया गया था। जिसके वजह से इस राज्य को बहुत बड़ी नुकसान झेलनी पड़ी क्यूंकि पर्यटकों के वजह से इस राज्य में बहुत अधिक राजस्वा मिलता है।
लेकिन दोस्तों अब इस राज्य से लाकड़ौन हटा दिया गया है और पर्यटकों को उत्तराखंड की सुंदरता को देखने के लिए खोल दिया गया है लेकिन कुछ नियम और कायदे लगाए गए है जिन्हे पर्यटकों को पालन करना होगा। तो चलिए आगे पढ़ते है की ये नियम कौन- कौन से हैं।
सोटो बता दें की इस राज्य में 15 जून तक लोखड़ौन लगाया गया था जो की अब इसे खोल दिया गया है। और अब यंहा सुबह 9 बजे से लेकर 5 बजे तक बाजार और छोटी दुकानों को खोल दिया गया है लेकिन दोस्तों सरकार की तरफ से होटलों को खोलने की अनुमति नहीं दी गई है।
और दूसरे राज्यों से जाने वाले लोगो को अपने कोरोना निगेटिव रिपोर्ट लाने की जरुरत नहीं है। यंग साम को 5 बजे से सुबह 5 बजे तक कोरोना नाईट कर्फु लगेगा। यदि आप यंहा आ रहे है तो आपको स्मार्ट सिटी के वेब पोर्टल पर पहले पंजीकृत करना होगा ये आप अपने मोबाईल या कंप्यूटर द्वारा कर सकते ये इस लिंक से http://smartcitydehradun.uk.gov.in/ और दोस्तों आप कोरोना काल में उत्तराखंड में जाने के लिए कोई ज्यादा पाबन्दी नहीं है। आप जा सकते है और उत्तराखंड की पहाड़ियों का लुफ्त उठा सकते है।
दोस्तों आप अपने जरुरत के सामान को बैग में पैक कर के ले जा सकते है। क्यूंकि यदि हमारे पास हमारी जरुरत की चीजे हमरे साथ रहती है तो हम उसे जरुरत पड़ने पर स्तेमाल कल लेते है अन्यथा हमें उस वस्तु को खरीदना पद जाता है।
उत्तराखंड की सुंदरता देखने लायक बनती है जैसे मनो हम कोई जानत में आ चुके है। तो चलिए हम उत्तराखंड के कुछ ऐसे स्थान के बारे में जानते है जो देखने में बेहद खूबसूरत हैं।
मुक्तेस्वर झील - दोस्तों मुक्तेस्वर झील नैनीताल से 46 किलोमीटर की दुरी पर है। मुक्तेस्वर झील देखने में बेहद अच्छा लगता है यंहा सर्दी के मौसम में बर्फ़बारी होती है।
तपोवन - दोस्तों तपोवन एक ऐसी जगह है जंहा से हिमलया की बड़ी बड़ी चोटियां दूर तक दिखाई देती है यंहा एक बहुत बड़ा टर्नल है। ये गायत्री हिमनद से 6 किलोमीटर की दुरी पर है।
देवप्रयाग -
दोस्तों उत्तराखंड देवताओ का स्थान मन जाता है। यही से माता गंगा का जन्म होता है दोस्तों देवप्रयाग एक ऐसी जगह है जंहा अलकनंदा नदी और भागीरथी नदी का संगम होता है और गंगा नदी का निर्माण होता है। दोस्तों देवप्रयाग पांच प्रयागों में से एक है। मन जाता है की जब भागीरथी जी ने गंगा माँ को धरती पर उतरने के लये मनाया तब 33 करोड़ देबि देवता भी स्वर्ग से यंहा देवप्रयाग में उतरे थे। यह एक सुन्दर स्थान होने के साथ साथ ही ये एक देव् भूमि है जंहा अप्प भगवान की पूजा भी कर सकते है।
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